ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के तहत उच्चतर शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर सभी कॉलेज के प्रधानाचार्य को आदेश दिए हैं कि कोविड-19 के चलते कोई भी कॉलेज विद्यार्थियों को नहीं बुलाएगा। ऑनलाइन आवेदन सक्सेसफुली सब्मिट होने पर आवेदक के पास पासवर्ड व आईडी एसएमएस से मिलेगी, जिसे आवेदक को संभालकर रखना होगा। डीएचई की ओर से एमआईएस पोर्टल पर कॉलेज प्रबंधन को रेंडमली आवेदन दिए जाएंगे।
मंगलवार शाम पांच बजे के बाद ऑनलाइन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए शहर के राजीव गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय को 70 आवेदन और महाराजा नीम पाल सिंह राजकीय महाविद्यालय को 65 आवेदन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए मिले। ऐसा नहीं होगा कि आवेदक ने जिस कॉलेज के लिए आवेदन किया है, वहीं की कमेटी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन करे। ऑनलाइन एडमिशन में आवेदक को अधिकतम 10 प्रतिशत का वेटेज दिया जाएगा।
अंतिम चयन के बाद प्रवेश शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। कॉलेजों में इस बार प्रवेश शुल्क का भुगतान करने का कोई प्रावधान नहीं है। वहीं कॉलेज इस बात का ध्यान रखेंगे कि यदि ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया के दौरान किसी भी कारण प्रस्तुत आवेदन में कोई भी विसंगति पाई जाती है तो सत्यापनकर्ता (आवेदन) पर नॉन वेरिफाइड और कारण या टिप्पणी अंकित करेगा। उसके बाद आवेदक को एक ऑटो जेनरेटेड एसएमएस भेजा जाएगा।
एसएमएस मिलने के 48 घंटे में फिर अपलोड करना होगा डॉक्यूमेंट
ऑनलाइन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में आवेदक की बेसिक इंफर्मेशन, शैक्षणिक योग्यता, वेटेज चेक की जाएगी। कास्ट सर्टिफिकेट या अन्य प्रमाण पत्र जो आवेदक ने संलग्न किए हैं वे सही है या नहीं। आवेदक की ओर से विषय चुनाव कॉम्बिनेशन ठीक है या नहीं आदि का ध्यान से चेक किया जाएगा। इसके बाद आवेदक के डॉक्यूमेंट में कोई विसंगति पाई जाती है तो ऑब्जेक्शन बॉक्स में जाकर कमेंट करना होगा। यदि ऑनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान किसी छात्र का कोई दस्तावेज अस्वीकृत कर दिया जाता है तो आवेदक को सिस्टम जेनरेटेड एसएमएस भेज दिया जाएगा और आवेदक को एसएमएस प्राप्त करने के 48 घंटों के अंदर प्रवेश पोर्टल पर सही दस्तावेज पुन: अपलोड करना होगा। दस्तावेज फिर से अपलोड करने के लिए प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहने की आवश्यकता नहीं होगी।
ऑनलाइन आवेदन में आवेदक अपनी ही ई-मेल आईडी व फोन नंबर भरें
ऑनलाइन आवेदन करते समय आवेदक अपनी ही ई-मेल आईडी व मोबाइल नंबर दें ताकि डॉक्यूमेंट में कमी पाए जाने पर आवेदक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजी सूचना उन्हें तुरंत मिल सके। आवेदन में विसंगति पाए जाने पर दिए गए मोबाइल नंबर पर एमएमएस जाएगा। इस बार प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण ऑब्जेक्शन भी ऑनलाइन ही क्लियर किए जाएंगे। एमएनएस राजकीय काॅलेज में ऑनलाइन डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए छह कमेटियां बनाई गई हैं। कमेटी में शामिल सदस्य डेली बेसिज पर डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन का काम करेंगे। महाविद्यालय में 10 कंप्यूटर सेट्स पर केवल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कार्य किया जाएगा। -प्रो.रणधीर सिंह सामोता, नोडल ऑफिसर, एमएनएस राजकीय काॅलेज, भिवानी
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from KAPS Krishna Pandit

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