जल्द ही शहर में सप्लाई हो रहे खारे व दूषित पेयजल व सीवरेज की सीज पड़ी पाइप लाइनों की समस्या से जल्द निजात दिलाने के लिए लगातार प्रपोजल तैयार किए जाएंगे। क्योंकि चंडीगढ़ से जनस्वास्थ्य विभाग के चीफ इंजीनियर देवेंद्र सिंह दहिया ने एसई व एक्सईएन को साथ लेकर शहर का निरीक्षण किया है। चीफ ने शहर के पानी निकासी नालों सहित दोनों सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों का भी जायजा लिया।
नगर पार्षदों ने चीफ को शहर के बिगड़े हालातों के बारे में बताया। ऐसे में चीफ इंजीनियर ने तुरंत प्रभाव से शहर के दोनों एसटीपी की पाइप लाइनों को खुलवाने सहित उनके टैंकों की क्षमता बढ़ाने का निर्देश दिया व पेयजल सप्लाई देने वाले दोनों जलघरों की क्षमता बढ़ाने के लिए एस्टीमेट बनाने को कहा है। चीफ इंजीनियर ने कहा कि पेयजल व सीवरेज संबंधी कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
पार्षदों बोले-सप्लाई में पहुंचता खारा पानी
नगर पार्षदों ने अधिकारी को बताया कि पूरे शहर में सप्लाई के अंदर खारा पानी पहुंचाया जा रहा है। नहरी पानी जब भी आता है उस दौरान तीन चार दिन मीठे पानी की सप्लाई दी जाती है। ऐसे में चीफ इंजीनियर ने चंपापुरी व कपूरी जलघर में एक-एक वाटर टैंक बनाने को कहा है। ताकि शहर में पेयजल सप्लाई करने वाले दोनों जलघरों की स्टोरेज क्षमता बढ़ जाए और नहरी पानी आने तक शहर में मीठा पानी सप्लाई किया जा सके।
एसटीपी की पाइप लाइन होगी नई
चीफ इंजीनियर ने विभागीय अधिकारियों को साथ लेकर कपूरी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। जहां देखा तो शहर का दूषित पानी वहां पहुंच ही नहीं रहा है। ऐसे में कारण पूछा गया तो पता चला कि पिछले दो वर्षों से शहर से लेकर कपूरी एसटीपी तक की पाइप लाइन 7 जगहों से डैमेज पड़ी हुई है। ऐसे में चीफ इंजीनियर ने तुरंत डैमेज पाइप लाइन की जगह नई पाइप लाइन डालने का एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। ऐसा होता है तो 40 प्रतिशत शहर में पानी निकासी की समस्या दूर हो जाएगी। क्योंकि 40 प्रतिशत शहरी क्षेत्र के दूषित पानी की निकासी के लिए यह एसटीपी तैयार किया गया था।
शुद्ध पेयजल के लिए सभी लाइनों की होगी सफाई
चीफ इंजीनियर स्थानीय अधिकारियों को साथ लेकर ढाणी रोड रेलवे फाटक नजदीक भी पहुंचे। जहां लोगों ने कहा कि शहर में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। अगर सप्लाई के पानी की एक बूंद भी मकान के अंदर पड़ जाए तो पूरे मकान में बदबू फैल जाती है। ऐसे में चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन को निर्देश दिए है कि शहर की सभी पेयजल व सीवरेज लाइनों की जांच करवाई जाए। अगर कहीं दोनों के पाइप अटैच हैं ताे वहां दोनों पाइप लीकेज मिल सकते हैं। ऐसे इस परेशानी वाली एरिया में जाकर पाइप लाइनों की जांच करवाई जाए। अगर पाइप लाइन डैमेज मिलती है तो उसकी जगह नए पाइप लगाए जाए।
300 एकड़ जमीन में फसल बर्बाद
चीफ इंजीनियर ने समसपुर एसटीपी का भी निरीक्षण किया। जहां कुछ ग्रामीणों ने बताया कि एसटीपी के वाटर टैंक ओवरफ्लो रहते हैं। जिसका पानी अक्सर उनके खेतों में उगी फसलों को बर्बाद कर देता है। फिलहाल भी करीब 300 एकड़ जमीन में फसल बर्बाद हुई खड़ी है। वहीं पार्षद दिनेश जांगड़ा, महेश गुप्ता व पार्षद प्रतिनिधि जयसिंह लांबा भी एसटीपी पहुंच गए। जिन्होंने बताया कि ढाणी रोड रेलवे फाटक से लेकर समसपुर रोड टी प्वाइंट तक डली सीवरेज की मुख्य पाइप लाइन लंबे समय से सीज है। ऐसे में शहर का पानी एसटीपी तक पूरी मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा है। इसलिए शहर के सभी वार्डों व कॉलोनियों में सीवरेज का पानी भरा रहता है। ऐसे में इंजीनियर ने पाइप लाइन का प्रपोजल और समसपुर एसटीपी के वाटर स्टोरेज टैंक की क्षमता बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।
चंडीगढ़ से जनस्वास्थ्य विभाग के चीफ इंजीनियर शहर में पेयजल व सीवरेज सिस्टम का निरीक्षण करने आए थे। हमने शहर में पेयजल व सीवरेज को लेकर जो समस्या आ रही हैं उनके समक्ष रख दी हैं। इसके बाद उन्होंने दोनों का ही समाधान करने के लिए कुछ प्रपोजल तैयार करने के लिए कहा है। जल्द ही हम शहर में पेयजल व सीवरेज की समस्या को दूर कर देंगे। इसके साथ ही जलभराव की समस्या भी दूर हो जाएगी। -शशीकांत, एक्सईएन।
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from KAPS Krishna Pandit

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