गांव रामगढ़ में 9 लाख 35 हजार रुपए एफएफसी ग्रांट से पंचायत द्वारा बनाई जा रही गली में भास्कर की खबर और ग्रामीण की शिकायत आधार पर की गई जांच में ग्राम सचिव और सरपंच व पंचायती राज विभाग के उपमंडल अधिकारी और जेई दोषी पाए गए हैं। दरअसल गली निर्माण में एग्जीक्यूटिव एजेंसी पंचायत ने निर्माण डिजाइन और क्वालिटी मेंटेन नहीं की जबकि ड्राइंग और एस्टीमेट का पालन भी तकनीकी विभाग द्वारा नहीं करवाया गया।
पंचायती राज विभाग एक्सईएन की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला उपायुक्त रमेश चंद्र बिढान ने ग्राम सचिव को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, जबकि ग्राम सरपंच के खिलाफ सस्पेंड करने से पहले शोकाज नोटिस दिया है। वहीं दोषी एसडीओ और जेई के खिलाफ भी सर्विस रूल्स के तहत कार्रवाई के लिए दोनों के नाम बीडीपीओ से तलब किए हैं।
कोराना संकट के चलते जून में गांव रामगढ़ की पंचायती गली का निर्माण कार्य पंचायती प्रस्ताव नंबर 3 के आधार पर तकनीकी एवं सुपरविजन अधिकारियों की ओर से ड्राइंग और एस्टीमेट मंजूरी के बाद शुरू किया गया, लेकिन एग्जीक्यूटिव एजेंसी पंचायत द्वारा नियमानुसार स्वयं निर्माण की बजाय ठेकेदार से काम कराया और पंचायत एवं तकनीकी विभाग की ओर से ग्रामीणों की आपत्ति के बावजूद ड्राइंग और एस्टीमेट का पालन नहीं करते हुए गबन किया। शिकायतकर्ता राकेश कुमार ने बताया कि कड़ी कार्रवाई के लिए लगातार पैरवी करेंगे। भले ही पंचायत एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा उन पर दबाव बनाया जा रहा है।
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from KAPS Krishna Pandit

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