सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लाभ लोगों को उनके दरवाजे तक पहुंचाने व हर योजना का लाभ हर परिवार तक पहुंच सके। इसके लिए सरकार ने 25 अगस्त से लेकर 2 सितंबर तक परिवार पहचान पत्र बनाने की योजना शुरू की थी। बुधवार अंतिम तारीख तक जिला में 2.37 लाख परिवारों के ही पहचान पत्र बनाए जा सके। फैमिली आईडी बनाने के लिए अधिकतर दिन तक वेबसाइट ही नहीं खुली। अगर खुली भी तो कई बार सर्वर नॉट फाउंड दिखा। अगर साइट पर अभिभावकों के फार्म अपलोड करते ही रिजेक्ट हो रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्र में इंटरनेट की स्पीड न होना, बिजली की समस्या बाधा बनी। शिक्षकों ने अभिभावकों के ऑफलाइन ही फार्म भरकर रखे हैं। जब साइट पूरी तरह चल जाएगी तब अभिभावकों को बुलाया जाएगा। अभिभावकों की तुरंत आईडी नहीं बनाकर दी जा रही। केवल डाटा वेरिफिकेशन किया जा रहा है। आईडी बनाने में शिक्षकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। दो दिनों से साइट बंद पड़ी है। साइट न चलने के कारण डाटा अपलोड नहीं हो पा रहा है। शिक्षक रात्रि को घरों में बैठकर लैपटॉप के जरिए डाटा फीड करने में लगे हुए हैं।
अभिभावकों के साथ शिक्षक दिखे परेशान, ग्रामीण क्षेत्रों में रही दिक्कत
जब से सरकारी स्कूलों में परिवार पहचान पत्र बनाने का कार्य शुरू हुआ था। तब से लेकर शिक्षकों व अभिभावकों को परेशानियों का ही सामना करना पड़ा। अधिकतर दिनों तक साइट भी नहीं चली। जहां चली वहां नेट की स्पीड धीमी रही और बिजली की समस्या सबसे बड़ी बाधा बनी। साइट खुलने के पश्चात कंप्यूटर टीचरों ने जब भी डाटा अपलोड किया तो साइट बंद हो जाती थी। कुछेक डाटा ही दिन में अपलोड हो पाता था। अब दो दिनों साइट बंद होने के चलते अभिभावकों का डाटा अपलोड नहीं हो पाया। कंप्यूटर टीचरों का कहना है कि जब भी साइट खुलेगी।
साइट चलने के बाद ही कक्षा इंचार्ज बुलाएंगे अभिभावकों को
फैमिली आईडी का ऑफलाइन पूरा ब्यौरा शिक्षकों ने भरकर रख लिया है। जब भी साइट चलेगी, तब कक्षा इंचार्ज कक्षानुसार अभिभावकों को बुलाकर डाटा अपलोड करेंगे। कई छात्रों के अभिभावकों का डाटा अपलोड हो चुका है, लेकिन पहचान पत्र बनकर नहीं आए। फैमिली आईडी बनने में टाइम लगेगा। गांवों में नेटवर्क की समस्या होने से अभिभावकों के फैमिली आईडी नहीं पाए।
दो दिन से साइट बंद है, नया शेड्यूल नहीं आया
फैमिली आईडी बनाने का कार्य 2 सितंबर तक था। अभी सिर्फ अभिभावकों का डाटा वेरिफिकेशन किया गया है। अभी पहचान पत्र बनाने का कोई शैड्यूल नहीं आया है। दो दिनों से साइट बंद है। कुछ कमियां रह गई है। 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। रमेश शर्मा, डीआईओ सिरसा।
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from KAPS Krishna Pandit

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