एक सप्ताह से सता रही उमस भरी गर्मी के बाद शनिवार को मौसम ने एक बार फिर करवट ली। हालांकि यमुनानगर में कुछ देर बूंदाबांदी रही, लेकिन जगाधरी में 20 मिनट की तेज बरसात से लोगों को गर्मी से कुछ राहत महसूस हुई। लेकिन इतनी देर की बारिश में ही जगाधरी में प्रशासन द्वारा निकासी के प्रबंध फेल साबित हुए। मेटलनगरी के बीचों-बीच निगम ऑफिस के सामने ही टाउन हाॅल में दो फुट जलभराव हो गया और 3 घंटे तक पानी नहीं उतरा।
20 मिनट की बरसात के बाद जगाधरी में जलभराव से सबसे ज्यादा स्थिति टाउन हाॅल में बिगड़ी। इसके अलावा स्कूल रोड, बूड़िया गेट मार्ग पर भी बरसाती पानी भर गया। जहां सड़कों में कई फुट चौड़े गड्ढे बन गए हैं। निकासी का प्रबंध न होने और टूटी सड़कों जगाधरी के लोग रोज दिक्कतों से जूझ रहे हैं। आशीष, राजेश, अजिंद्र ने कहा निकासी का प्रबंध न होने से सड़कें भी लगातार क्षतिग्रस्त हो रही हैं। कई बार सड़कों पर पैचवर्क व नवनिर्माण में करोड़ों रुपए बर्बाद हो चुके हैं, लेकिन नगर निगम व जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग निकासी का स्थाई प्रबंध नहीं कर पाए हैं।
बिना स्लैब नाले गंदगी से हो रहे ब्लॉक
पूर्व पार्षद मोजी सेठी ने कहा कि जगाधरी से एक मुख्य नाला निकल रहा है। इसके अलावा सभी छोटे नाले कई दशकों पुराने हैं, जिनकी निकासी की क्षमता बाद में बसी आबादी के आगे कम है। जिससे ये छोटे नाले जरा सी बरसात में ही ओवरफ्लो होने से पानी सड़क पर बहने लगता है।
नालों की सफाई भी सिर्फ बरसात के सीजन में होती है, यह काम भी बरसात से पहले कर अफसर दोबारा सफाई कराना भूल जाते हैं। नियमित सफाई न होने के साथ नालों पर स्लैब न होने से भी गंदगी गिरने से ब्लॉक रहतेे हैं। नगर निगम व पब्लिक हेल्थ को नाले चौड़े करने के साथ नियमित सफाई करानी चाहिए।
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from KAPS Krishna Pandit

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