बीजेपी ने हर जिले में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। करनाल में जिला महामंत्री योगेंद्र राणा को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। योगेंद्र राणा सीएम के नजदीकी हैं और पिछले सात साल से बीजेपी में सक्रिय हैं। गैरविवादित चेहरा होने का भी उन्हें फायदा मिला है।
योगेंद्र राणा पिछले दिनों कोरोना पॉजिटिव हो गए थे, अब रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है, अगले तीन दिनों तक लोगों से नहीं मिलेंगे। योगेंद्र राणा ने 2013 में बीजेपी ज्वाइन की थी। इसके बाद वे प्रदेश कार्यकारिणी में सक्रिय रहे। बाद में इन्हें जिला महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई।
जिला महामंत्री रहते हुए पार्टी संगठन को मजबूत करने में उन्हाेंने अहम भूमिका निभाई। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए अच्छा काम किया। अब राणा को सीएम मनोहर लाल के नजदीकी होने का फायदा मिला। करनाल जिले में हर कार्यक्रम में सीएम के मंच का संचालन करते थे। सीएम ने ही उन्हें जिलाध्यक्ष बनवाने में अहम भूमिका निभाई है।
पहले मांगा था असंध से टिकट, लेकिन नहीं मिला था
असंध, घरौंडा और नीलोखेड़ी हलके में राजपूतों की अच्छी खासे वोट हैं। राजपूतों के पास करनाल जिले में कोई बड़ा पद भी नहीं है। पिछले विधानसभा चुनाव में घरौंडा और असंध से राजपूत समाज के किसी व्यक्ति को टिकट नहीं मिला था। योगेंद्र राणा खुद असंध से टिकट मांग रहे थे, लेकिन टिकट नहीं मिला।
अब बीजेपी ने जातीय संतुलन बिठाने के लिए योगेंद्र राणा को जिलाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया है। इससे पहले पंजाबी बिरादरी से जगमोहन आनंद जिला प्रधान थे, उन्होंने 3 साल पार्टी की सेवा की। उनके कार्यकाल में पार्टी ने लोकसभा, विधानसभा और मेयर का चुनाव जीता। योगेंद्र राणा कभी किसी विवाद में नहीं रहे। इस छवि का इन्हें फायदा मिला है।
बूथ स्तर पर करेंगे पार्टी को मजबूत
योगेंद्र राणा ने कहा कि मेरा संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है। मैं बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने का काम करुंगा। हर कार्यकर्ता को साथ लेकर चलेंगे। बूथ स्तर पर पार्टी के साथ दोबारा से अच्छे कार्यकर्ता जोड़े जाएंगे। ग्राउंड लेवल पर काम करेंगे।
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from KAPS Krishna Pandit

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