टीएंडसी घोटाले के आरोपी विनोद शर्मा को हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिल सकी है। अदालत ने एसपी को 2 हफ्ते में सोसाइटी के आरोपियों की प्रॉपर्टी की जांच कर शपथ पत्र देने के आदेश दिए हैं। सोमवार को हाईकोर्ट में विनोद शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के 6 महीने बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई।
करीब आधे घंटे तक चली बहस में अदालत ने एसपी अम्बाला को आदेश दिए कि दो सप्ताह में आरोपियों की प्रॉपर्टी की जांच कर शपथ पत्र अदालत में पेश करें। अदालत ने कहा कि अगर इस मामले में पुलिस की आरोपियों से मिलीभगत पाई गई तो क्यों न मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाए। सरकारी वकील और शिकायतकर्ता के वकील सुखविंद्र नारा ने विनोद शर्मा के सोसाइटी के सदस्य होने के तथ्य अदालत पेश में किए। अब इस मामले की सुनवाई 10 अगस्त को होगी।
अब खुलेंगे राज
अदालत के आदेश के बाद निवेशकों को कार्रवाई की उम्मीद जगी है। निवेशकों का कहना है कि अब सोसाइटी की असलियत सामने आ जाएगी। सोसाइटी ने निवेशकों के पैसे से कहां और कितनी प्रॉपर्टी खरीदी थी। इसके अलावा यह भी पता चलेगा कि अब प्रॉपर्टी को कैसे खुर्दबुर्द किया गया है। सोसाइटी के सदस्य सोसाइटी कार्यालय सहित काफी प्रॉपर्टी बेच चुके हैं।
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