लाॅकडाउन में नहीं लगे शिविर, खून की कमी पड़ी तो संस्थाओं ने जुटाया रक्त
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लाॅकडाउन में नहीं लगे शिविर, खून की कमी पड़ी तो संस्थाओं ने जुटाया रक्त

रक्तदान से हर साल लाखों की जिंदगी बचती है। रक्तदान ही खून का स्टॉक बढ़ाने का एकमात्र साधन है। युवा, समाजसेवी संस्थाएं, संगठन सरकारी अस्पतालों में रक्तदान कर ब्लड बैंक में रक्त की कमी को दूर कर सकते हैं। आपके रक्तदान से किसी की जान बच सकती है।

डॉक्टरों के अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति तीन माह में एक बार रक्तदान कर सकता है। रक्तदान से किसी प्रकार की कमजोरी या तकलीफ नहीं होती है। लेकिन इस बार काेराेना वायरस के चलते लॉकडाउन के कारण ब्लड कैंप व रक्तदाओंमें खून डाेनेट करने में कमी आई है।

ब्लड बैंक में लगभग तीन महीने से प्रतिदिन बमुश्किल 20 यूनिट्स भी ब्लड या उसके कंपोनेंट्स रक्तदान करने नहीं आ रहे हैं। काेविड-19 के कारण लगे लॉकडाउन की वजह से स्कूलों-कॉलेजों-संस्थानों में छुट्टी होना भी बड़ा कारण है। छुट्टी के यहां रक्तदान शिविर नहीं लग रहे हैं। छुटिट्यों से पहले ब्लड बैंक में हर रोज औसतन 40-50 यूनिट्स ब्लड या उसके कंपोनेंट्स एकत्रित होते हैं। लेकिन संस्थाओं ने इस दाैरान अच्छे प्रयास किए। जिस कारण 1048 यूनिट एकत्रित भी हुई और 104 यूनिट थैलेसिमिया बच्चों काे चढ़ाई गई।

रोजाना औसतन 25 से 30 यूनिट की खपत
रेडक्राॅस की ब्लड इंचार्ज डाॅ. पूजा ने बताया यहां हर दिन औसतन 25 ये 30 यूनिट की खपत है। जिले में लाॅकडाउन के कारण शिविर नहीं लगे। इस कारण यूनिट भी कम एकत्रित हुई। लेकिन फिर भी इस दाैरान 32 कैंप साेशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लगाए हैं। 1048 यूनिट एकत्रित की ताे वहीं इसमें से 104 यूनिट ताे थैलेसिमिया पीड़ित बच्चाें काे दी है। 2020 में 77 कैंपों में 6470 यूनिट रक्त एकत्रित किया।

इन जांचाें में रक्त का स्टाॅक हाेना जरूरी
डाॅ. पूजा ने बताया कि सेरोलॉजी जांच में 4 घंटे लगते हैं। इसमें एचआईवी, हैपेटाइटिस-ए, बी व मलेरिया जैसी बीमारियां शामिल हैं। इन राेगियाें का 4 घंटे से हल रक्त मिलना संभव नहीं है। इसलिए ऐसे मरीजों के लिए ब्लड बैंक में स्टाॅक रखने की काेशिश रहती है। क्‍योंकि डोनेट किया हुआ रक्त राेगी काे चढ़ाने याेग्य बनाने में भी एक घंटे से ज्यादा समय लगता है।

ब्लड का क्या काम : ब्लड शरीर में ऑक्सीजन-कार्बन डाई ऑक्साइड का परिवहन करने के साथ भोजन से प्राप्त पोषक तत्व को विभिन्न अंगों तक पहुंचाता है। ग्रंथियों से निकलने वाले हार्मोन्स को भी शरीर में ब्लड ही ले जाता है।

खान-पान से बढ़ा सकते हैं खून : डॉक्टरों के अनुसार शरीर में खून बढ़ाने के लिए आयरन+फोलिक एसिड, प्रोटीन, विटामिन युक्त खाद्य पदार्थ नियमित रूप से खाएं। इनमें खासकर पालक, शलजम, शेव, सभी हरी पत्तियों वाली सब्जियां आदि।

इधर...सिविल अस्पताल में नहीं ब्लड बैंक
जिले में 14 लाख की आबादी एक ही 200 बिस्तर का सिविल अस्पताल हैं। लेकिन इसमें आज तक एक ब्लड बैंक नहीं खुल पाया। हालांकि पिछले तीन सालाें से कई प्रयास हाे रहे है, लेकिन अभी तक काेई सीरे नहीं चढ़ा है।
कई केसों में देरी हाेने के कारण लाेगाें की जान भी जा चुकी है। वहीं सीएमओ मनाेहर लाल नवंबर 2018 में जिले में ब्लड बैंक बनाने की घाेषणा कर चुके है। लेकिन अभी तक ये प्राेजेक्ट अटका हुआ है।



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