शनिवार दोपहर को कोरोना सैंपल की आई 105 रिपोर्ट राहत देने वाली थी। क्योंकि सभी रिपोर्ट नेगेटिव थी। इसमें पॉजिटिव आए तीन लोगों की सेकंड सैंपल की रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है। वही शाम को चार लोगों की पॉजिटिव रिपोर्ट ने टेंशन बढ़ा दी। इनमें गांव गढ़वाली की 37 साल की महिला जो कालाअम्ब की किसी फैक्ट्री की कर्मचारी है। वहीं 52 साल की महिला आईटीआई के पास की रहने वाली है। एक जगाधरी सिविल अस्पताल की नर्स है। वहीं सेक्टर 17 का 50 साल का व्यक्ति संक्रमित मिला है।
यह व्यक्ति जगाधरी में कपड़े की दुकान करता है। वह दिल्ली गया था। अब यमुनानगर में कोरोना के 25 एक्टिव केस हैं।
इधर राहत | दिल्ली से आए इस्कॉन मंदिर के पुजारी, दिल्ली से ही जगाधरी की जैसको कॉलोनी की मेटल फैक्टरी में काम के लिए आए युवक और नाइजीरिया से लौटे व्यक्ति के दोबारा भेजे सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। तीनों को कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। दिल्ली से यमुनानगर आए पुजारी ने छह दिन में कोरोना को हराया है। वहीं नाईजीरिया से आए व्यक्ति ने 7 दिन में। इसी तरह दिल्ली से जगाधरी की जैसको कॉलोनी में आए युवक ने 8 दिन में कोरोना को मात दी है। वहीं इन तीनों के संपर्क में आकर कोई संक्रमित नहीं पाया गया।
साढौरा में हालात बिगड़े| कोरोना के केस शुरुआत में शहरी एरिया में आ रहे थे, लेकिन कालाअंब की ओरिसन फार्मा कंपनी से शुरू हुआ कोरोना का संक्रमण साढौरा तक पहुंच गया। साढौरा एरिया के सात लोग कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं। इसमें दो का टेस्ट हिमाचलप्रदेश में हुआ था तो कुछ का नारायणगढ़ में। अब साढौरा के गांव महमदपुर निवासी फार्मा कंपनी में काम करने वाले युवक की नारायणगढ़ में रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसे मुलाना एमएम कॉलेज में एडमिट किया गया है। यह युवक कालाअंब की ओरिसन कंपनी में स्टोरकीपर है। इस युवक का 10 जून को नारायणगढ़ में टेस्ट हुआ था जिसकी शनिवार को रिपोर्ट आई है। इससे पहले हिमाचल प्रदेश में शादीशुदा महिला नाहन में डिलीवरी के बाद संक्रमित पाई गई थी। बाद में महिला को हिमाचल प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग ले गया था। इसी गली के रहने वाले युवक के अब संक्रमित पाए जाने के कारण इस गली को सील कर दिया गया है।
इस युवक के संयुक्त परिवार में 9 सदस्य शामिल हैं जिन्हें क्वारेंटाइन किया गया है। वहीं शाम को ओरिसन कंपनी की दूसरी कंपनी का कर्मचारी पॉजिटिव आया है।
साढौरा एरिया के 70 से 80 लोग काम करते हैं ओरिसन कंपनी में|साढौरा और कालाअंब की दूरी बहुत कम है। कालाअंब बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया है इसलिए साढौरा एरिया के सैकड़ों लोग वहां पर रोजगार के लिए जाते हैं। वहां की ओरिसन कंपनी में इस एरिया के 70 से 80 लोग काम करते हैं। ओरिसन कंपनी में मालिक से लेकर सीईओ और अन्य कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ओरिसन कंपनी के कर्मचारियों की डिटेल खंगालकर उन तक पहुंच रहे हैं।
यह इंतजाम है प्रशासन के इंतजाम |ईएसआई अस्पताल जगाधरी में एक उच्च स्तरीय वैकल्पिक अस्पताल तैयार कर दिया गया है। इस अस्पताल में 16 बेड का वैकल्पिक उच्च स्तरीय अस्पताल का प्रबंधन किया गया है, जिसमें केंद्रीय ऑक्सीजन व्यवस्था के साथ-साथ चार वेंटिलेटर, मल्टीपैरा मॉनिटर्स व 12 उच्च स्तरीय उपचार व्यवस्था के अनुरूप बिस्तर स्थापित किया गया है। गाबा अस्पताल तथा संतोष अस्पताल को भी समर्पित कोरोना अस्पताल बना दिया गया है।
इसके साथ ही जिला यमुनानगर के 6 सरकारी व निजी अस्पतालों को समर्पित कोरोना स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया हैं, जिनमें लगभग 88 बेडों का प्रबंध किया गया है, इन स्वास्थ्य संस्थानों पर कोरोना संक्रमित तथा संदिग्ध मरीजों को रखकर उनका उपचार किया जाएगा। इनके अलावा 39 समर्पित कोरोना देखभाल केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 1200 बेडों का प्रबंध किया गया है। इन सभी कोरोना देखभाल केंद्राें पर केवल कोरोना संदिग्ध मरीजों को रखा जाएगा तथा सभी मरीजों की जांच व उपचार किया जाएगा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि 3500 बैड की प्लानिंग की गई है। मैरेज पैलेस या अन्य स्कूल-कॉलेज की बिल्डिंग में भी पेशेंट रखे जा सकते हैं।
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