लाॅकडाउन के कारण जिले में 500 से ज्यादा शादियां टलीं, कहीं हुई भी तो न बैंड बजा और न ही बारात निकली
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लाॅकडाउन के कारण जिले में 500 से ज्यादा शादियां टलीं, कहीं हुई भी तो न बैंड बजा और न ही बारात निकली

आगामी 10 माह में सिर्फ 16 दिन ही विवाह मुहूर्त रहेंगे। इतने कम मुहूर्त होना विवाह योग्य युवा, उनके अभिभावक और पंडितों के बीच परेशानी का सबब बन गया है। वजह इस वर्ष कोरोना महामारी का विवाह पर ऐसा ग्रहण लगा कि मार्च से अब तक नाम मात्र के जोड़े ही दाम्पत्य सूत्र में बंधे। अब इस माह सात दिन मुहूर्त हैं, पर इनमें भी विवाह कम संख्या में रहेगी।

एक जुलाई से चातुर्मास शुरू होने पर विवाह पर करीब पांच माह का ब्रेक लगेगा। मुहूर्त सीधे 25 नवंबर के बाद प्रारंभ होंगे। नवंबर में सिर्फ दो दिन और दिसंबर में सात ही दिन विवाह मुहूर्त रहेंगे। इसके बाद गुरु व शुक्र के अस्त होने पर विवाह मुहूर्त 22 अप्रैल से प्रारंभ हो सकेंगे। नए वर्ष में भी केवल 45 दिन मुहूर्त रहेंगे, जबकि इस वर्ष करीब 70 दिन के मुहूर्त थे।

वजह... गुरु और शुक्र ग्रह के अस्त होने से लगेगा ब्रेक
पंडितों के अनुसार वर्ष 2021 में विवाह मुहूर्त अप्रैल से प्रारंभ होंगे। इसकी वजह यह है कि 15 दिसंबर 2020 से प्रारंभ खरमास नए साल में 15 दिसंबर तक रहेगा। इसके बाद गुरु व शुक्र ग्रह अस्त होने पर 22 अप्रैल से शहनाइयां बजना शुरू होंगी। गुरु 16 जनवरी को अस्त होकर 13 फरवरी को उदित होगा और 14 फरवरी से शुक्र ग्रह अस्त हो जाएगा, जो 20 अप्रैल तक अस्त रहेगा। विवाह अप्रैल के अंतिम सप्ताह में शुरू होंगे।

गुरु और शुक्र ग्रह का उदित रहना अति जरूरी
ज्योतिषियों का कहना है कि विवाह के लिए गुरु व शुक्र ग्रह का उदित रहना जरूरी है। दोनों में से एक भी अस्त हो तो मुहूर्त नहीं निकाला जाता है। युवक-युवतियों के लग्न बल के आधार पर मुहूर्त तय किए जाएंगे। जिन्हें विकल्प के रूप में देखा जाएगा। जिन लोगों का विवाह जरूरी है। उनका लग्न बल देखा जाएगा।

2021 में 22 अप्रैल से बजेंगी शहनाइयां
भड़ली नवमी पर हो सकते हैं शहर में कुछ जोड़ों के विवाह पंडितों के अनुसार इस माह जून में 15, 25 से 29 तक विवाह हैं। भड़ली नवमी 29 जून को है। इस दिन अंतिम विवाह मुहूर्त हैं। प्रशासन से अनुमति मिली तो कुछ जोड़ों के विवाह होने की संभावना है।

नए साल में 45 दिन मुहूर्त
इस वर्ष जून व नवंबर और दिसंबर में सिर्फ 16 दिन विवाह मुहूर्त शेष हैं, जबकि अगले वर्ष में अप्रैल से दिसंबर तक कुल 45 दिन विवाह मुहूर्त रहेंगे। संभवत: यह करीब एक दशक बाद ऐसी स्थिति बनी थी, जब विवाह मुहूर्त इतने कम हैं।1 जुलाई देवशयनी एकादशी से विवाह मुहूर्त नहीं रहेंगे। जुलाई से नवंबर तक 5 माह विवाह पर ब्रेक रहेगा। इस वर्ष नवंबर में 26 व 27 तारीख को ही मुहूर्त रहेंगे, जबकि दिसंबर में केवल 1 से 11 तक सात दिन ही मुहूर्त रहेंगे।



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