कोहानियां मार्ग की हालत गड्ढों में तब्दील आए दिन हो रही दुर्घटनाएं "
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कोहानियां मार्ग की हालत गड्ढों में तब्दील आए दिन हो रही दुर्घटनाएं "


 
बेगमगंज ,
रायसेन और विदिशा जिले को जोड़ने के लिए कड़ी के रूप में बनाए गए कोहनिया गांव से आगे तक जंगल में सिद्ध क्षेत्र झिरिया मंदिर तक बरसों  की प्रतीक्षा के बाद बनाया गया मार्ग शुरू से ही सुर्खियों में रहा है बनते ही मार्ग उखाड़ना शुरू हो गया था ।
 तब से कई बार उस पर पैच वर्क किया गया 3 साल पहले बीना नदी की बाड़ में मार्ग का कुछ हिस्सा बह गया था । जिसका सुधार कराया गया और अब मार्ग की हालत यह है कि गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं लोगों के लिए गड्ढों में सड़क ढूंढना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
   जब मार्ग का निर्माण हो रहा था तब मार्ग निर्माण का श्रेय लेने के लिए  नेताओं में जनप्रतिनिधियों में होड़ लगी रही कोई कह रहा था कि मैंने स्वीकृत कराया है और कोई कह रहा था कि मैंने बनवाया है और उसके भूमि पूजन और शिलान्यास को लेकर भी यही स्थिति बनी रही। नेताओं की इस होड़ का ठेकेदार ने भरपूर लाभ उठाया और मार्ग का घटिया निर्माण किया गया जो बनते ही उखड़ने लगा था और आज पूरा मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है , जिस पर आए दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं बाइक चालक स्लिप होकर अपने हाथ पैर की रिपेयरिंग अस्पतालों में करवा रहे हैं। 
सोमवार को भी एक बाइक सवार सिलिप हुआ था 2 लोग गंभीर घायल हुए थे इसके बावजूद भी संबंधित विभाग और अधिकारी मार्ग के सुधार की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
  ऐसा नहीं है कि क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों को मार्ग की दुर्दशा के बारे में जानकारी ना हो उनके निर्देश मिलते ही विभाग के लोग गिट्टी और मिट्टी भर के गड्ढों को भरने का काम जरूर करवा देते हैं लेकिन लोगों को जो लाभ इस मार्ग से मिलना चाहिए था,  वह नहीं मिल पा रहा है। विदिशा जिले के हैदर गढ़ को जोड़ने वाला यह  शॉर्टकट मार्ग जो बारिश में भी चालू रहता है जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। मजबूरन लोग इस मार्ग पर आवागमन कर रहे हैं। वाहनों के एक्सीडेंट के साथ वाहनों में टूट-फूट होना रोजमर्रा का काम बन गया है। किसान अपनी उपज ट्रैक्टर ट्राली से लाने में परेशान हो रहे हैं। कुछ ही मिनटों का सफर घंटों में तय हो रहा है।
   मुख्य सागर भोपाल मार्ग महाविद्यालय के गेट के सामने से लेकर किसी उपज मंडी के पीछे से होते हुए चकला नाले के पुल तक मार्ग इतना जर्जर है और पुल भी जर्जर हो चुका है। इसके शुरुआती हिस्से को देखकर ही आगे का अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है।
     चकला नाले के पुल के आगे कोहनिया तक और उसके आगे झिरिया मंदिर तक मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है । जिसके कारण पूर्व के मुकाबले आवागमन भारी वाहनों का बहुत कम हो गया है। 
   मार्ग के निर्माण के समय क्षेत्र के करीब 3 दर्जन ग्रामों लोगों को भारी खुशी हुई थी लेकिन चंद दिनों में ही उनकी खुशी काफूर हो गई । सालों पुरानी मांग उनकी पूरी जरूर हुई लेकिन स्थिति जस की तस हो गई। डब्ल्यूबीएमसी मार्ग से लोग आसानी से आवागमन कर लेते थे लेकिन जब से डामरीकरण हुआ तब से मार्ग ऐसे गड्ढों में तब्दील हो गया है । जहां से लोडेड वाहनों को निकालना दूभर हो रहा है।
     क्षेत्र के लोगों मुन्ना लाल यादव, हसीब खान मंसूरी, पृथ्वी सिंह, अनिल यादव, सोमिल यादव, शहजादे खान, अरविंद कुमार, महेश कुमार, हनुमंत लोधी, प्रताप सिंह गोवर्धन प्रसाद, नसीम खान, दरयाव सिंह सहित दर्जनों लोगों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बेगमगंज से झिरिया मंदिर तक मार्ग पुनः गुणवत्ता पूर्वक बनवाने के साथ ही चकला नाले का पुल भी ऊंचाई के साथ निर्माण कराने की मांग की है।
फोटो -  बेगमगंज से कोहानियां मार्ग गड्ढों में तब्दील ।


 

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