
भोपाल। वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और उसके आसपास सक्रिय है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस सिस्टम के प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बन गया है। इससे हवा का रूख दक्षिण-पूर्वी होने लगा है। इस वजह से फिलहाल प्रदेश में कड़ाके की ठंड पर ब्रेक लग गया है। वेदर सिस्टम के असर से प्रदेश के अनेक हिस्सों में बादल छाने की संभावना है। साथ ही बुधवार से प्रदेश में ग्वालियर-चंबल संभागों के जिलों में बारिश के आसार भी बन सकते है। एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ के सात जनवरी को उत्तर भारत में प्रवेश करने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूरे प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिरने की आशंका है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि मंगलवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम रहा। साथ ही सोमवार के अधिकतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस की तुलना में एक डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। बुधवार को भोपाल का न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। साहा ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और उससे लगे उत्तर भारत के पास बना हुआ है। इसके असर से पश्चिमी राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बन गया है। इस वजह से हवा का रूख उत्तरी, उत्तर-पूर्वी से बदलकर दक्षिणी, दक्षिण-पूर्वी होने लगा है। इस वजह से अब हवा के साथ अरब सागर से कुछ नमी आने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसके चलने बुधवार को शाम के बाद बादल छाने लगेंगे। गुरूवार को ग्वालियर-चंबल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बौछारें भी पड़ सकती हैं। उधर सात जनवरी को एक तीव्र आवृति वाले पश्चिमी विक्षोभ के भी उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। इसके असर से शुक्रवार से पूरे मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बिगड़ने के आसार हैं। इसके चलते गरज-चमक के साथ अनेक स्थानों पर बौछारें पड़ेंगी। इस दौरान कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।

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