भोपाल। मप्र के सभी सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों का फायर सेफ्टी आडिट कराया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भोपाल के कमला नेहरू अस्पताल में सोमवार एक हृदय विदारक और अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिसके कारण हमारे कई नौनिहाल चले गए। मन और आत्मा व्यथित है। मैंने जांच के निर्देश दिये हैं। यह लापरवाही, आपराधिक लापरवाही है। इसमें जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी कोई और घटना न घटे, हमें इसकी चिंता करनी है।
चौहान ने मंगलवार को कहा कि कुछ व्यवस्थागत परिवर्तन और आवश्यकताएं हैं, उसे किया जाएगा, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। कमला नेहरू अस्पताल में घटी इस दुर्भाग्यूपर्ण घटना में कुछ लोगों तथा डॉक्टर्स, नर्स, वॉर्ड बॉय ने अपनी जान हथेली पर रखकर 36 नौनिहालों को बचाने का काम किया। मैं उनको धन्यवाद देता हूं। बच्चों की जिंदगी बचाने वालों को सम्मानित किया जाएगा। मैं अपने चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग की भी खुलकर कर्तव्यनिष्ठा के लिए सराहना करूंगा। घटना की जानकारी होते ही हम दोनों की बात हुई और वे तत्काल वहां पहुंच गए। बच्चों को बचाने के लिए जो कुछ हो सकता है, वो सब कुछ करने का उन्होंने प्रयास किया। बचाव कार्य प्रभावित न हो, इसलिए मुझे घटना स्थल पर आने से मना किया गया। मैं रातभर संपर्क में रहा और आवश्यक निर्देश देता रहा। सबके प्रयास से हम अनेक नौनिहालों की जिंदगी बचाने में सफल रहे।

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