बच्चों की बदकिस्मती कहें या फिर यहां के लोगों ने इन बच्चों के भविष्य के लिए अच्छे प्रयास ही नहीं किए। जो दादरी 1948 से दादरी जींद और झज्जर रियासत के दौरान जिला हुआ करता था। जिसको 1935 में नपा का दर्जा तक मिल गया था। इसी जिले से देवीलाल सरकार के दौरान पहले मंत्री और फिर सूबे के मुख्यमंत्री तक के पद पर रहे चुके हैं।
उसके बाद से लेकर आज तक के बार सत्ता पक्ष के विधायक और मंत्री बन चुके हैं। लेकिन आज तक जिला मुख्यालय पर जिले के बच्चों के लिए बेहतर और उच्च शिक्षा के लिए सरकारी संस्थान तक नहीं है। शिक्षाविदों का मानना है कि इसके लिए कभी ढंग से प्रयास ही नहीं किए गए नहीं तो यहां 70 के दशक में कॉलेज खुल जाना चाहिए था।
हम आज के मुकाबले हर चीज में 30 साल आगे होते
गर्वमेंट कॉलेज, बहु के रिटायर्ड प्राचार्य डॉ. सुदर्शन जांगड़ा का कहना है कि यदि 70 और 90 के दशक में शहर में सरकारी कॉलेज खुल जाता तो आज हमारे बच्चे बड़े बड़े पदों को सुशोभित होते और हम आज के मुकाबले हर चीज में 30 साल आगे रहते। उनका कहना है सरकारी और एडेड या प्राईवेट कॉलेज के फीस स्ट्रेक्चर में काफी फर्क होता है। हमारा क्षेत्र देहात का होने के कारण हर किसान और गरीब आदमी इसको वहन नहीं पाता। जिनकी अभिभावकों के पास पैसा है उनके बच्चे ही दूसरे शहरों या प्रदेशों में जाकर पढ़ रहे हैं। दूसरी बात कोर्सेज की। सरकारी कॉलेज में कोर्सेज मांगते ही विश्वविद्यालय लागू कर देता है। ग्रांट तो सरकारी कॉलेजों में बहुत ही अधिक आती हैं। अब तो स्मार्ट क्लास रूम, डिजिटल के मामले में सरकारी काॅलेज की बराबरी प्राईवेट या एडेड कॉलेज नहीं कर पाएंगे।
सरकारी पीजी कॉलेज खुलवाने की मांग
मंगलवार को सरकारी कॉलेज की मुहिम से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकारी पीजी कॉलेज खुलवाने के मांग को लेकर हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन एवं विधायक सोमबीर सांगवान को सीएम के नाम तथा पूर्व विधायक राजदीप फौगाट को डिप्टी सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपते हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि जिला विकास और शिक्षा की दृष्टि से अन्य जिलों से पिछड़ता जा रहा है। यहां के युवक-युवतियां उच्च शिक्षा के लिए अन्य शहरों में जा रहे हैं। विधायक सोमबीर सांगवान ने कहा कि जिला मुख्यालय पर राजकीय महाविद्यालय के लिए वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेंगे तथा हर संभव प्रयास करते हुए जल्द ही जिला मुख्यालय पर कॉलेज का निर्माण करवाने का कार्य करेंगे। विधायक ने कहा कि मुख्यालय पर कॉलेज खुलवाना अब उनकी पहल रहेगी तथा वे आगामी सत्र मार्च-अप्रैल से कॉलेज में कक्षाएं शुरू करवाने के लिए प्रयासरत रहेंगे। पूर्व विधायक राजदीप फौगाट ने भी जिला मुख्यालय पर राजकीय महाविद्यालय की मांग को उचित मानते हुए जल्द से जल्द कॉलेज खुलवाने का आश्वासन दिया। यहां डाॅ. दलीप सांगवान, एडवोकेट विरेंद्र डूडी, एडवोकेट विजेंद्र सांगवान, एडवोकेट संजीव तक्षक, एडवोकेट प्रवीण तक्षक, समेर व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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from KAPS Krishna Pandit

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