कोरोना का कहर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद काफी संख्या में सूबे के लोग स्वास्थ्य के प्रति बेपरवाह भी हो रहे हैं। ऐसा उनकी और उनके अपनों के लिए ठीक नहीं है। राज्य सरकार ने 27 मई से प्रदेश में मास्क पहनना जरूरी कर दिया था, ताकि कोरोना से बचा जा सके। मास्क न पहनने पर हरियाणा पुलिस ने चार सितंबर तक प्रदेश में 325477 लोगों के चालान किए हैं।
इनमें सबसे अधिक चालान उन दो जिलों गुड़गांव व फरीदाबाद के लोगों के हुए हैं, जहां सबसे अधिक केस हैं। यही नहीं इन जिलों में ही सबसे अधिक मौत भी कोरोना के चलते हो चुकी हैं। फिर भी लोग सेहत के प्रति सजग नहीं हैं। अब तक 16 करोड़ 27 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लोगों पर लग चुका है। जबकि सैकड़ों को गिरफ्तार भी किया गया है।
करोड़ों का जुर्माना, फिर भी नहीं मान रहे
हरियाणा पुलिस ने अब तक 16 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना लोगों पर मॉस्क न पहनने के लिए लगाया है। जबकि पांच जून से 22 अगस्त तक की अवधि में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वाले 8 लोगों के चालान किए गए, ज्यादा संख्या में भीड़ एकत्र करने पर चार, पान, गुटका, शराब आदि पीने पर 88 लोगों के चालान किए गए। 242 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जबकि 362 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
हर माह एक लाख से अधिक चालान
हरियाणा सरकार ने 27 मई को निर्णय लिया था कि जो व्यक्ति मॉस्क नहीं पहनेगा, उसका 500 रुपए का चालान काटा जाएगा। करीब पांच जून से हरियाणा पुलिस ने प्रदेश में मॉस्क न पहनने वालों का चालान काटना शुरू किया था। आज तीन महीने का समय हो गया है, ऐसे में हर माह चालान का आंकड़ा एक लाख से अधिक हो गया है।
24 घंटे में काटे 3144 चालान
अब एक दिन में जहां केसों का आंकड़ा 2000 के पार जा चुका है, वहीं मॉस्क न पहनने वालों के चालान का आंकड़ा भी चार सितंबर को बढ़कर 3144 हो गया। यानी जैसे केस बढ़ रहे हैं, ठीक वैसे ही मॉस्क न पहनने वालों की संख्या बढ़ रही है, जबकि होना इसके विपरीत चाहिए था।
प्रदेश के लोगों को मॉस्क पहनने के लिए कहा गया है। फिर भी इसका पालन नहीं हो रहा। जो व्यक्ति इसका उल्लंघन कर रहे हैं, उनके चालान किए जा रहे हैं। अब तक करीब 3.25 लाख लोगों के चालान हो चुके हैं।
-नवदीप सिंह विर्क, एडीजीपी, लॉ एंड आर्डर, हरियाणा।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from KAPS Krishna Pandit

Please do not enter any spam link in the comment box.