प्रदेशभर में चल रहे जमीन की रजिस्ट्री घोटाले की जांच सिरसा तक पहुंची हुई है। सिरसा जिला में यह जांच हिसार मंडल के आयुक्त यानि कमिश्नर विनय सिंह कर रहे हैं। इस संबंध में वे दो बार सिरसा आकर जांच करके जा चुके हैं। एफसीआर ने जांच पूरी करने के लिए 6 सप्ताह का समय निर्धारित किया था। जांच को दो भागों में बांटा गया है। जिसमें लॉकडाउन से पहले और लॉकडाउन के बाद होने वाली रजिस्ट्रियों की जांच शामिल की गई है। आयुक्त अब अप्रैल 2017 से 31 दिसंबर 2019 तक की रजिस्ट्री जांच रहे हैं। वहीं 2020 में जनवरी से 21 जुलाई तक के बीच में हुई रजिस्ट्री की जांच वे पूरी कर चुके हैं।
सिरसा तहसील में 8 हजार से अधिक हो चुकीं रजिस्ट्रियां
आयुक्त विनय सिंह की और से जांच की जा रही रजिस्ट्रियों की संख्या 8 से 10 हजार के करीब बताई जा रही है। इसमें आयुक्त देख रहे हैं कि कितनी रजिस्ट्री ऐसी हुई है जिसमें एनओसी नहीं ली गई है। अब तक कमिश्नर विनय सिंह जनवरी 2020 से 21 जुलाई 2020 तक हुई रजिस्ट्री की जांच पूरी कर चुके है।
कंट्रोल एरिया में यह है रजिस्ट्री का नियम
शहर के आसपास के इलाके को कंट्रोल एरिया में माना जाता है। यह नगर योजनाकार विभाग यानि डीटीपी के अंडर माना जाता है। यहां की भूमि की अगर कोई रजिस्ट्री करवाता है तो पहले नगर योजनाकार विभाग से इसकी एनओसी लेना जरूरी है। बिना एनओसी के तहसील में रजिस्ट्री नहीं हो सकती। अगर हुई है तो रजिस्ट्री में घोटाला हुआ है।
इसलिए लगाई गई थी रोक
सरकार ने बीती 22 जुलाई को रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन ने यह आदेश करते हुए कहा था कि 17 अगस्त तक जमीन खरीदने, बेचने व ट्रांसफर करने की रजिस्ट्रियां नहीं होंगी। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के मद्देनजर सरकार ने यह कदम उठाया है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from KAPS Krishna Pandit

Please do not enter any spam link in the comment box.