समालखा के गांव करहंस में शनिवार माइनर नहर टूट जाने से गांव के किसानों को करीब 15 एकड़ फसल पानी में डूब गई। रविवार सुबह जब गांव का किसान सतबीर खेत में गया तो खेत में भरा पानी और माइनर नहर टूटी देख कर हैरान रह गया। सतबीर ने ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही ग्रामीणों में हंगामा मच गया। सूचना मिलते ही ग्रामीण माइनर नहर पर पहुंचे और नहरी विभाग को सूचना दी। जानकारी देते हुए गांव के पूर्व सरपंच यशपाल सहरावत ने बताया गांव से गुजर रही माइनर नहर के टूटने से किसानों के खेतों में पानी भर जाने से करीब 15 एकड़ फसल डूब गई है। जिसकी सूचना नहरी विभाग को दे दी गई थी। सूचना दे के बाद नहर का पानी बंद करवाया गया।
किसान बोला-नहरी विभाग की लापरवाही
गांव के किसान रघुबीर ने बताया नहरी विभाग की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है। अगर नहरी विभाग के लोग समय रहते माइनर नहर को चेक करते तो आज ऐसा न होता। किसान ने बेलदार पर आरोप लगाते हुए लापरवाही की बात कही तो बेलदार ने मुझे धमकी देते हुए कहा अगर कोई बात हुई तो में किसानों का नाम लगा दूंगा। रघुबीर ने बताया नहर के पानी के कारण कमरा गिरने का खतरा बना हुआ है।
कोई अधिकारी फसल देखते तक नहीं आया
गांव की महिला राजेश देवी ने बताया नहर टूटने से खेत में खड़ी जीरी की दो एकड़ फसल डूब गई। उन्होंने सरकार से मांग की है जल्द से जल्द नहर को ठीक किया जाए। उन्होंने कहा नहर के टूटने के बाद कोई अधिकारी हमारी फसल देखने तक नहीं आया। हमारी फसल पानी में डूबी हुई है। राजेश देवी ने कहा अगर फसल ख़राब हो गई तो कहा से घर चलाएंगे।
उरलाना डिस्टी ब्यूट्री से माइनर नहर गांव करहंस से निकलती है। करहंस गांव में नहर टूटने की सुचना रविवार सुबह मिली। सुचना मिलते ही नहर का पानी रुकवा दिया गया था। एसडीओ को बोलकर नहर को ठीक करने को कह दिया है और किसानों के खेत भरा पानी आज मोटर द्वारा निकलवा दिया जाएगा। -अश्वनी फोगाट, एक्शन राई सोनीपत नहरी विभाग।
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from KAPS Krishna Pandit

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