रानियां में 102 एमएम बरसात, बणी में डूबे निचले इलाकों के मकान सिरसा में पानी निकासी को जुटीं 15 से ज्यादा टीमें, 20 घंटे बाद राहत
Type Here to Get Search Results !

KAPS TV

रानियां में 102 एमएम बरसात, बणी में डूबे निचले इलाकों के मकान सिरसा में पानी निकासी को जुटीं 15 से ज्यादा टीमें, 20 घंटे बाद राहत

जिले में मानसून सत्र की अब तक सबसे तेज बरसात गुरुवार की रात को हुई। रानियां में मूसलधार बरसात हुई। जिसके कारण गांव और खेत जलमग्न हो गए। जबकि रानियां खंड के गांव बणी का एक हिस्सा पानी में डूब गया। दर्जनों मकानों में पानी घुस गया। इसलिए लोगों को अपने मकान छोड़कर पलायन करना पड़ा। इसके अलावा गांव खारियां और चक्कां में भी जमकर जलभराव हो गया है। इससे कई गांव में मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए।

रानियां खंड में अब तक की सबसे अधिक 102 एमएम बरसात रिकार्ड की गई है। जबकि सिरसा शहर में 37 एमएम बरसात हुई है। शहर में हमेशा की तरह जल निकासी के दावों की पोल खुलकर सामने आ गई।
देर रात को हुई बरसात का पानी शुक्रवार शाम तक ही नहीं निकाला था। हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सुबह से ही पानी निकासी करने के लिए कमान संभाल रखी थी।इसके अलावा कालांवाली, चौपटा और ओढ़ां में भी अच्छी बरसात हुई है। कॉटन और मूंगफली की फसल में जहां जलभराव हो गया है।

पंचकूला मोहल्ला से ट्रैक्टर ट्रालियों पर निकाला गया घरों से सामान

रानियां खंड में हुई 102 एमएम बरसात का सबसे अधिक प्रभाव गांव बणी में हुआ है। बणी गांव का पंचकूला मोहल्ला डूब गया है। लोगों के घरों में पानी घुसा हुआ है। पंचायत और क्लब के सदस्यों ने मिलकर ट्रैक्टर ट्रालियों के मदद से लोगों के घरों से सामान निकाला और दूसरी जगह पहुंचाया। दर्जनों मकान तेज बरसात के कारण गिर गए। गांव के सरपंच राम सिंह सहारण व युवा क्लब के सदस्यों ने बताया कि बणी विशाल गांव है जोकि कई भागों में बंटा हुआ है।यहाँ पंचकूला मोहल्ला के नाम से इलाका काफी नीचा है। इसलिए यह डूबा है। वहीं दूसरे इलाके में जलभराव की स्थिति ना होने कारण किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है।

डीसी ने तहसीलदार और कानूनगो को मौके का निरीक्षण करने भेजा

प्रशासन को सूचना मिलते ही डीसी ने रानियां के तहसीलदार , कानूनगो व पटवारी को मौका पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरपंच ने बताया कि लोगों की सुरक्षा के लिए किसी भी प्रकार की सामान की जरूरत पड़ी तो वे मौके पर पहुंचाने का काम करेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन को सूचना भेजकर अवगत करवा दिया है। जिन लोगों के मकान टूटे और डूबे हैं उनका गांव के स्कूल और धर्मशाला में रहने का प्रबंध किया है। करीब 20 से 25 परिवार बरसात की वजह से प्रभावित हुए हैं।

सिरसा शहर में 17 इलाकों में रहा जलभराव

गुरुवार रात को सिरसा में हुई 37 एमएम बरसात के बाद शहर जलमग्न हो गया। बरसाती पानी निकासी के लिए जन स्वास्थ्य विभाग की 15 से ज्यादा टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में पानी निकालने का काम किया। शुक्रवार शाम तक 20 घंटे में अधिकतर इलाकों से पानी निकाल दिया गया। जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन रणजीत सिंह मलिक ने बताया कि शुक्रवार दोपहर तक शहर के हिसार रोड, बेगू रोड, सूरतगढ़िया बाजार, जनता भवन रोड, शिव चौक से पानी निकाल दिया गया। इसके अलावा दोपहर बाद तक सिविल अस्पताल रोड को भी क्लियर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि लेकिन दोपहर बाद एक बार फिर हुई बरसात से दोबारा पानी भर गया। अब फिर कर्मचारी पानी निकासी में जुट गए हैं। अब केवल शहर की अग्रसेन कॉलोनी की मुख्य गली में जलभराव है जिनकी निकासी अभी तक नहीं हो पाई है। एक्सईएन ने बताया कि यहां लाइन खाली नहीं है, इसलिए यहां धीमी गति से पानी निकल रहा है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सिरसा। शहर के सूरतगढ़िया बाजार में बरसाती पानी जमा होने कई घंटे लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी।


from KAPS Krishna Pandit
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Bhopal

4/lgrid/Bhopal
----------------NEWS Footer-------------------------------- --------------------------------CSS-------------------------- -----------------------------------------------------------------