नई अनाज मंडी में आढ़तियों द्वारा खरीदा किसानों का गेहूं खुला रखने के कारण बारिश में भीग गया था। जिससे गेहूं की चमक खत्म हो गई है। ऐसे में सरकारी खरीद एजेंसियों ने आढ़तियों की पेमेंट रोक ली है। जिससे व्यापारियों की आढ़त से लस्टर लॉस की कटौती की जाएगी। अकेले दादरी नई अनाज मंडी के आढ़तियों से करीब 40 लाख रुपये लस्टर लॉस वसूला जाएगा। इसके विरोध में बुधवार को मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने मीटिंग कर इसका विरोध जताते हुए 21 अगस्त को विरोध प्रदर्शन करते हुए एक दिन की सांकेतिक हड़ताल का फैसला लिया है। इसी दिन आढ़ती एकत्रित होकर उपायुक्त को ज्ञापन भी देंगे।
अप्रैल में शुरू हुई थी गेहूं की खरीद
नई अनाज मंडी में अप्रैल महीने में गेहूं की खरीद शुरू हो गई थी। जिसका सरकारी भाव 1920 रुपये प्रति क्विंटल था। यह गेहूं तो सरकारी खरीद एजेंसियों ने खरीदा था लेकिन इसके लिए आढ़तियों ने किसानों से यह गेहूं खरीद कर एजेंसियों को दिया था। जिसकी आढ़तियों को ढाई प्रतिशत आढ़ती दी जाती है। लेकिन इस बार व्यापारियों की आढ़त में से सरकारी खरीद एजेंसी आढ़त का 20 प्रतिशत यानि 9 रुपये 62 पैसे की कटौती कर पेमेंट कर रही है। यह कटौती प्रदेश सरकार की गाइडलाइन पर निर्भर कर रही है। खरीद एजेंसी को अभी गाइडलाइन मिली हैं कि आगामी निर्देश तक लस्टर लॉस की पेमेंट रोकी जाए। अगर यह लॉस सरकार भुगतने का निर्णय लेती है तो यह पैसा एजेंसी तुरंत आढ़तियों के खाते में डाल देगी।
मंडी आढ़तियों ने खरीदे थे 8 लाख गेहूं के कट्टे
आढ़ती एसो. के सचिव विनोद गर्ग ने बताया कि मंडी आढ़तियों ने 8 लाख कट्टे गेहूं के खरीदे थे। ऐसे में 4 लाख क्विंटल गेहूं करीब साढ़े 7 करोड़ का है। अब इसमें 40 लाख रुपये खरीद एजेंसी लस्टर लॉस के नाम से काट रही है। विनोद गर्ग ने कहा कि इसके साथ किसानों की पेमेंट खरीद एजेंसियों ने देरी से खाते में डाली थी। ऐसे में उसका ब्याज भी आढ़त से ही काटा जा रहा है।
सरकार के निर्देश अनुसार काट रहे लस्टर लॉस: हैफेड
सरकारी खरीद एजेंसी हैफेड के मैनेजर विरेंद्र सिंह ने कहा कि गेहूं की चमक कम होने से इस बार लस्टर लॉस काटा जा रहा है। अभी यह रुपये आढ़तियों के नाम ही हैं। अगर सरकार यह लॉस भुगतती है तो यह आढ़तियों को दे दिया जाएगा और अगर सरकार निर्देश देती है यह आढ़तियों से ही वसूला जाएगा तो यह रुपये आढ़तियों को नहीं मिलेंगे।
गेहूं ढके नहीं होने के कारण बारिश में भीगा
अप्रैल में ही किसानों ने गेहूं आढ़तियों के पास डालना शुरू कर दिया था। नई अनाज मंडी के चारों शेड जल्दी ही भर गए थे और आढ़तियों ने गेहूं दुकानों के सामने खुले आसमान के नीचे ही रखवा दिया था। इस दौरान कई बार बारिश हुई थी और गेहूं भीगता रहा। गेहूं को हुए नुकसान की भरपाई इसी लापरवाही कारण सरकार आढ़तियों से ही वसूलने में लगी हुई है।
आढ़तियों को पहुंचा रहे आर्थिक नुकसान : प्रधान
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने कहा कि सरकार ने पहले तो किसानों की पेमेंट में देरी करते हुए ब्याज आढ़त में से काट लिया और लस्टर लॉस काटकर आढ़तियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जिससे आढ़ती भूखमरी की कगार पर आ जाएंगे। आढ़त से ज्यादा नुकसान हो रहा है। इसके विरोध में 21 अगस्त को सांकेतिक हड़ताल की जाएगी और विरोध प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त काे ज्ञापन सौंप यह फैसला वापस लेने के लिए मांग रखी जाएगी।
प्रति क्विंटल ढाई प्रतिशत आढ़त देती हैं एजेंसी
नई अनाज मंडी में आढ़तियों ने इस साल गेहूं के 8 लाख कट्टे यानि 4 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा था। आढ़तियों को यह गेहूं तुलवाने, साफ करवाने, सुरक्षित रखने सहित लोड करवाने पर प्रति क्विंटल ढाई प्रतिशत आढ़त यानि 45 रुपये खरीद एजेंसी देती हैं। लेकिन इस बार आढ़त के 45 रुपयों में से 20 प्रतिशत लस्टर लॉस यानि 9 रुपये 62 पैसे काटे जा रहे हैं। इतना ही नहीं जिन किसानों को उनकी फसलों के रुपये में मिलने में देरी हुई है उसका ब्याज भी आढ़तियों से ही वसूला जा रहा है। जो किसानों को दिया जा रहा है।
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from KAPS Krishna Pandit

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