अनलॉक-1 के तहत 8 जून से श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक स्थल खोल दिए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी कर दिया है। नए नियम कड़े हैं जिनकी पालना मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों व अन्य धर्म स्थलों में करनी होगी। जिले में कई बड़े धर्मस्थल हैं जहां हजारों श्रद्धालु माथा टेकते हैं। ऐसे में नए नियमों को इन धार्मिक स्थलों में लागू करवाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित होने वाला है।
नई गाइडलाइन के अनुसार मंदिरों में घंटी बजाने से लेकर प्रसाद वितरण तक पर रोक है। धर्मस्थलों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी डाॅ. बलविंद्र कौर का कहना है कि हमें 100 प्रतिशत रिजल्ट मिले, इसका पूरा प्रयास है। सरकारी गाइडलाइन को पूरी तरह से लागू करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
अब तक जिन धर्म स्थलाें पर मीटिंग की गई है वहां बेहतर रिस्पांस प्रशासन को मिला है। गाइडलाइन में बनाए गए नए नियमाें की जानकारी धर्मस्थलों पर बैठकों के दौरान दी जाएगी, ताकि इन्हें लागू कराया जा सके। वहीं, दूसरी ओर 8 जून से धर्मस्थलों को खोलने के लिए गुरुद्वारों व मंदिरों में तैयारियां आरंभ कर दी गई हैं। धर्म स्थलों को सेनिटाइज किया जा रहा है।
नई गाइडलाइन में इन नियमों पर फंस सकता है पेंच
नियम- धर्मस्थलों में घंटी नहीं बजाई जाएगी, न ही प्रसाद वितरण होगा।
स्थिति- मंदिर में जाने वाला श्रद्धालु सबसे पहले घंटी बजाता है। इसके अलावा मंदिर व गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं को प्रसाद व देग मिलती है, इन्हें कैसे बंद किया जाएगा।
नियम- भजन मंडली व रागी-जत्थे शबद कीर्तन नहीं करेंगे, केवल रिकार्डिड भजन व कीर्तन चलेंगे।
स्थिति- गुरुद्वारों में प्रतिदिन सुबह-शाम शबद-कीर्तन होते है। लॉकडाउन के दौरान भी गुरुद्वारों में रागी जत्थों ने शबद कीर्तन किया। फिर अनलॉक में इन्हें कैसे रोका जाएगा।
नियम- धर्मस्थलों में एंट्री के समय श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग होगी।
स्थिति- बड़े धर्मस्थलों में आने वाले श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग संभव है, मगर छोटे धर्मस्थलों में न ताे इतना स्टाफ हाेता है अाैर न ही इसकी व्यवस्था।
नियम- धर्मस्थलों में यदि कोई कोरोना संक्रमित या संदिग्ध मिलता है तो उसे वहीं किसी कमरे या अलग स्थान पर आइसोलेट करना होगा। फिर मेडिकल स्टाफ को उसकी जानकारी देनी होगी।
स्थिति- छोटे धर्मस्थलों में अलग से कमरे या क्षेत्र की व्यवस्था नहीं हाेती, एेसे में कोरोना संदिग्ध को आइसोलेट कहां किया जाएगा।
नियम- श्रद्धालुओं को धर्मस्थलों पर बैठने के लिए अपनी चटाई या चादर ले जानी होगी। कॉमन मैट व चादर का इस्तेमाल नहीं होगा।
स्थिति- माथा टेकने के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अपनी मैट व चादर ले जाना मुमकिन नहीं है।
बड़े धर्मस्थल जिले में
ऐतिहासिक गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब, मंजी साहिब, बादशाही बाग, अम्बिका देवी मंदिर, शनि देव मंदिर, कैलाश हाथीखाना मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, माता बाला सुंदरी मंदिर।
यह बोले धर्मस्थलोंके पदाधिकारी
- कैलाश हाथीखाना मंदिर के महंत मनमोहन दास ने कहा कि जो नियम सरकार ने तय किए हैं उन्हें फाॅलो किया जाएगा। गाइडलाइन के बारे में मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को जानकारी दी जाएगी।
- पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा कमेटी के मैनेजर सुखदेव सिंह ने कहा कि हम नियमों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षा व सावधानियों की जानकारी दी जा रही है। नए नियम की जानकारी फिलहाल अभी एसजीपीसी की ओर से नहीं आई है, जैसे आदेश होंगे उनकी अनुपालना होगी।
- केंद्रीय गुरुद्वारा गुरुपर्व कमेटी के अध्यक्ष सुदर्शन सिंह सहगल ने कहा कि हम जल्द कैंट की गुरुद्वारा कमेटियों की बैठक बुलाएंगे जिनमें सरकार द्वारा जारी निर्देशों की जानकारी दी जाएगी। सरकार द्वारा कुछ नियम सख्त बनाए गए हैं जिनको लेकर प्रशासन से चर्चा की जाएगी।
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