नरसिंहपुर- एक ओर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री महिला संबंधी अपराधों को लेकर गम्भीरता जाहिर करते हुए त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिला रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले की पुलिस एक महिला के साथ हुए दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज न करते हुए कानून की उस मंशा को दरकिनार कर रही है जिसमें यह साफ कहा गया है कि महिला संबंधी अपराधों में पुलिस को त्वरित कार्रवाई करना चाहिए। उक्त मामले में जब पुलिस ने मामला दर्ज न करते हुए पीड़िता को बाहर का रास्ता दिखाया तो थक हारकर पीड़िता ने आज 2 मार्च की शाम जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, अब पीड़िता जिला अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है और अपनी बेबसी पर आँसू बहा रही है। पीड़िता के मुताबिक अपने साथ हुए घटनाक्रम की रिपोर्ट दर्ज कराने में ही उसे थाने के इतने चक्कर लगाने पड़े कि उसकी हिम्मत जबाव दे गई।पीड़िता ने मीडिया में दिए अपने बयान में स्टेशन थाना प्रभारी सहित उनके स्टाफ पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके साथ उसके पति के दोस्तों ने ही दुष्कर्म किया है, जिसकी शिकायत दर्ज कराने वह स्टेशन थाने पहुंची थी लेकिन पुलिस ने उल्टा उसे ही डांट फटकार लगाते हुए उससे कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए और उसकी फरियाद नहीं सुनी। इस पूरे मामले में जहां स्टेशन थाने की संवेदनहीनता सामने आई है तो दुष्कर्म जैसे गम्भीर मामले में पुलिस का यह बर्ताव चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल जिला अस्पताल में महिला का उपचार जारी है और जिम्मेदार खामोश हैं।
इनका कहना है-
मैं समय विभागीय ट्रेनिंग में भोपाल आया हूँ, अभी मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।
-जितेंद्र गढ़वाल, थाना प्रभारी स्टेशन गंज नरसिंहपुर.

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