
भोपाल । मध्यप्रदेश में 15 मार्च के बाद ही गर्मी का असर दिखने के आसार हैं। पिछले 24 घंटे में रतलाम, गुना, सागर में हल्की बूंदाबांदी हुई है। उज्जैन जिले में बारिश के साथ कहीं-कहीं ओले भी गिरे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे नीमच, मंदसौर, रतलाम, छिंदवाड़ा भिंड व मुरैना में तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।मौसम में आए इस बदलाव की वजह से भोपाल-इंदौर में डेढ़ डिग्री तक तापमान लुढ़क गया। ग्वालियर-जबलपुर में इतनी ही बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अभी खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है। तेज हवा और पानी की वजह से फसल खेतों में ही बिछ गई। आगे ज्यादा दिन तक मौसम ऐसा ही रहता है तो गेहूं के दाने की चमक फीकी पड़ सकती है।
इस कारण हो रही बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ (पाकिस्तान से आने वाली हवाएं) ईरान के आसपास एक ट्रफ के रूप में हैं। वहीं, पूर्वी बांग्लादेश, उत्तरी गुजरात और केरल तट के पास चक्रवातीय गतिविधियां सक्रिय हैं। केरल तट के पास सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण से लेकर पश्चिमी भारतीय तट के समांतर ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसी कारण बारिश का सिस्टम बना हुआ है।
30-40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलेगी हवा
24 घंटे में जिन जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है, वहां पर तेज हवा भी चलेगी। इसकी रफ्तार 30 से 40 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है।
सबसे ठंडा पचमढ़ी, सिवनी में सबसे ज्यादा तापमान
बुधवार की रात प्रदेश में सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। यहां तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सिवनी में पारा 19 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जबलपुर में 18.2 और ग्वालियर में 17.7 डिग्री सेल्सियस पारा रहा। सतना, दमोह, सीधी और उमरिया में तापमान 17 डिग्री के पार दर्ज किया गया।
उज्जैन में गेहूं की फसल पर ओलों की मार
उज्जैन और आसपास के इलाकों में बुधवार रात तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। मंगरोला के किसान जितेंद्र ठाकुर ने बताया कि गेहूं, चना, प्याज और आलू की फसलें खड़ी हैं। गेहूं तो कटने को है। ओले गिरने से गेहूं को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। उज्जैन में सबसे ज्यादा खाचरौद तहसील के गांव प्रभावित हुए हैं। घिनोदा, बटलावाडी में ज्यादा नुकसान है।

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