बिलासपुर में कोरोना वायरस का संक्रमण भले ही घट-बढ़ रहा है और संक्रमित होने वाले मरीज जल्द ठीक भी हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि वायरस का असर माइल्ड है। फिर भी कोरोना संक्रमण से मौतें थम नहीं रही है। दरअसल, तीसरी लहर का असर बुजुर्गों पर भारी पड़ रहा है। यही वजह है कि जनवरी में कोरोना से जान गंवाने वाले 27 लोगों में 20 बुजुर्ग हैं। जिनकी आयु 60 साल से ऊपर की थी। तीसरी लहर में संक्रमित मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति नहीं के बराबर है। दूसरी लहर की अपेक्षा संक्रमित मरीज महज चार से पांच दिन में ठीक हो जा रहे हैं। दावा यह भी किया जा रहा है कि संक्रमण का रफ्तार कम हो रही है। फिर भी संक्रमण से होने वाली मौतों ने अफसरों की चिंता बढ़ा दी है। वायरस के संक्रमण का असर माइल्ड होने के बाद भी मरीजों की लगातार मौतें हो रही है।
ऐसे बुजुर्ग जो किसी दूसरे बीमारी से ग्रसित हैं। उनके कोरोना पॉजिटिव होने पर तबीयत बिगड़ रही है। वायरस की वजह से इनकी हालत ज्यादा खराब हो जा रही है और कुछ मामलों में इनकी जान चली जा रही है। उनका कहना है कि ठंड में बुजुर्गों की सेहत विशेष ध्यान रखा जाए और इन्हें घर में ही रखें। ताकि उन्हें संक्रमण से बचाया जा सके।
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