
भोपाल । तापमान में हुई गिरावट को देखते हुए रबी फसलों में शीतलहर या पाला पडऩे की संभावना बन रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कृषक बंधुओं को सलाह दी है कि पाला से बचाव के लिए फसलों में हलकी सिंचाई करें। पर्याप्त नमी होने से फसलों में नुकसान की संभावना कम होती है। पाला होने की स्थिति में शाम के समय खेत की मेढ़ पर धुआं करें और सिंचाई शाम तथा रात्रि के समय करें। इसके अलावा सल्फर का 2 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें या पाला लगने के अगले दिन ग्लूकोन डी 10 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें।
पाला से सबसे अधिक सब्जियां व फल प्रभावित होते हैं
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार पाला से सबसे ज्यादा हरी सब्जियों व फलों को नुकसान होता हैं। इनकी कोशिकाएं फट जाती हैं और पौधों की पत्तियां सूख जाती हैं। परिणाम स्वरूप फसलों में भारी क्षति हो जाती है। साथ ही पौधों तथा फसलों पर जल संचार प्रभावित होता है। सूखने के कारण कीट का प्रकोप भी बढ़ जाता है।

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