नई दिल्ली। दिल्ली में चाइल्ड पोर्नोग्राफी रैकेट के बड़े रैकेट का पता चला है। बड़ी संख्या में लोगों द्वारा इंटरनेट मीडिया वाट्सएपटेलीग्राम जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के जरिये बाल यौन से संबंधित सामग्री देश और देश से बाहर भेज रहे हैं। इस मामले में शाहदरा समेत अन्य जिलों में अब तक 100 से अधिक मुकदमा दर्ज हो चुका है। 50 के करीब लोगों की पहचान कर साइबर सेल उन्हें गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। लिहाजा पुलिस ने अभी इसे गोपनीय रखा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गूगल के अलावा वाट्सएपफेसबुक और इंस्ट्राग्राम पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित फोटो अपलोड किए जा रहे हैं। इससे बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में वृद्धि होती है। इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा कई तरह के एहतियाती कदम उठाए गए हैं। इसमें एक ऐसा साफ्टवेयर तैयार किया गया है कि जिससे किसी भी इंटरनेट साइट पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित कोई फोटो या वीडियो आदि अपलोड होते ही साफ्टवेयर आटोमैटिक उससे जुड़ी डिटेल उठा लेता है और संबंधित एजेंसियां फोटो और वीडियो साइट देखकर पता लगा लेता है कि वह किस मोबाइल या लैपटाप से अपलोड किए गए हैं। साफ्टवेयर द्वारा उपलब्ध कराई गई डिटेल दिल्ली पुलिस के अलग-अलग जिले को उपलब्ध कराई गई है। इस जानकारी के आधार पर ही अलग-अलग जिलों में पाक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामले दर्ज हो रहे हैं।

उधर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नंदनगरी थानाक्षेत्र में हत्या के प्रयास के मामले में वांछित बदमाश को गिरफ्तार किया है। इसी थानाक्षेत्र में हत्या के प्रयास के मामले में जेल से पैरोल पर बाहर आने के बाद उसने एक अन्य व्यक्ति पर गोली चला दी थी। घटना के बाद से वह फरार था। डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश देव के मुताबिक गिरफ्तार बदमाश विशाल नंद नगरी का रहने वाला है। 30 नवंबर को क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि नंदनगरी में हत्या के प्रयास के मामले में वांछित बदमाश विशाल अपने केस के सिलसिले में कड़कड़डूमा कोर्ट आएगा। एसीपी संतोष कुमार और इंस्पेक्टर जय प्रकाश के नेतृत्व में एसआई सम्राट खटियानउदयवीरहवलदार सुधीर और सिपाही ओमप्रकाश की टीम ने उसे कोर्ट परिसर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पिता आटो चालक हैं।

परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक  होने के कारण गलत संगत में पड़कर विशाल ने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। वर्चस्व कायम करने के लिए उसने 20 जुलाई को अपने सहयोगियों के साथ मिलकर महेश उर्फ रवि नामक व्यक्ति पर गोली चला दी थी। इससे पहले वर्ष 2020 में भी उसने नरेश और प्रमोद नाम के युवकों पर फाय¨रग की थी। उसी मामले में वह 25 जून को पैरोल पर जेल से बाहर आया था।