
भोपाल। स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 के लिए भोपाल जिले की 187 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता को लेकर अलग-अलग नवाचार किये जा रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण के तहत देश भर के 698 जिलों के 17 हजार 475 गांव को कवर किया जा रहा है। सर्वेक्षण के लिए इन गांव के सार्वजनिक स्थानों जैसे आंगनबाड़ियों, स्कूलों, स्वास्थ्य केन्द्रों, हाट बाजार, धार्मिक स्थलों का स्वच्छता संबंधी सर्वे किया जाएगा एवं एसबीएम से संबंधित मुद्दों पर ग्रामीण नागरिकों का मत लिया जाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण - 2021 में मेन फोकस ठोस एवं तरल अपशिष्ट का प्रबंधन, मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, ओडीएफ स्थिरता बनाये रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण किया जाएगा।
भोपाल के देहातों में स्वच्छता के नवाचार
भोपाल जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जिला पंचायत भोपाल के द्वारा गोबर गेस संयंत्र के साथ-साथ मुगालिया छाप एवं बरखेड़ी अब्दुल्ला में स्थित गौशालाओं के साथ एमओयू करार किया है। जिसके अंतर्गत आस-पास के ग्राम पंचायतों का गोबर एकत्र करके जैविक खाद के लिये दिया जाएगा। एकत्रित गोबर का एक उचित मूल्य भी किसानों को मिलेगा। इसके लिए भोपाल के अलग-अलग गांव में पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं जिसमें पशुपालकों और किसानों के पशुओं का स्वास्य्श परीक्षण किया जा रहा है एवं उन्हें एसएसजी 2021 से भी जोड़ा जा रहा है।
मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सीएचओ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जागरूकता अभियान चला रही है। जिसके अंतर्गत सेनेट्री नेपकिन पेड का उपयोग एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को दी जा रही हैं। भोपाल जिले के 20 से अधिक गांव ओडीएफ प्लस हो चुके है। इसकी निरंतरता को बनाये रखने के लिए एवं शौचालय के लिए "मेरा शौचालय मेरी शान" अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही अपशिष्ट कचरा प्रबंधन के लिए अलग-अलग तरीकों से कचरा एकत्रित किया जा रहा है एवं उनका बेहतर तरीके से निपटान भी किया जा रहा है।

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