
भोपाल : राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि संवेदनाशून्य जीवन निरर्थक है। प्रकृति द्वारा मनुष्य को विशेष शक्ति सम्पन्न बनाया गया है। उसे बुद्धि दी है ताकि वह सही गलत को समझ कर कार्य करे। उन्होंने कहा कि आपराधिक तत्वों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, साथ ही निर्दोष और पीड़ित के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार भी जरूरी है।
राज्यपाल श्री पटेल आज राजभवन के स्वर्ण जयंती सभागार में राजभवन सुरक्षा में तैनात पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवानों के साथ संवाद कर रहे थे। राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा भी मौजूद थे।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सुरक्षा महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए उच्च स्तरीय तकनीकी, व्यवसायिक ज्ञान के साथ ही शारीरिक और मानसिक सजगता का होना जरूरी है। उन्होंने राजभवन के सुरक्षा बल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा कार्य के अनुभवों को सहयोगियों के साथ साझा करने वाले आयोजन किए जाने चाहिएं। इससे कार्य की गुणवत्ता और अधिक बेहतर होती है। उन्होंने नियमित योग करने, खेलकूद, मनोरंजन की गतिविधियों और पारस्परिक संवाद के आयोजनों की निरंतरता के लिए भी कहा। उन्होंने सुरक्षा बलों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को पूरा करने में सहयोग का आश्वासन दिया। राज्यपाल ने दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएँ भी दी।
संवाद में निजी सुरक्षा अधिकारी आरक्षक श्री धर्मराज पाण्डे और 35वीं वाहिनी सशस्त्र बल के उप निरीक्षक श्री संतोष ने विचार व्यक्त किए। स्वागत उद्बोधन राज्यपाल के परिसहाय श्री अगम जैन ने दिया। आभार प्रदर्शन सुरक्षा अधिकारी श्री इन्द्रजीत सिंह चावड़ा ने किया। कार्यक्रम में राजभवन के अधिकारी, सुरक्षा वाहिनी और 35वीं वाहिनी सशस्त्र बल, ग्वालियर के जवान उपस्थित थे।

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