
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग को 19 फरवरी 2016 को एक आवेदन मिला। आवेदन में शिलावड़ी मार्ग, इमलीपुरा, जिला खंडवा निवासी आवेदिका श्रीमती सुल्ताना अहमद ने उनके पति स्व. जहूर अहमद (शिक्षक) की मृत्यु हो जाने पर उनके दावा भुगतान में नियोक्ता विभाग द्वारा सेवापुस्तिका नहीं मिलने के कारण उनके पति की छटवें वेतनमान निर्धारण पश्चात् की देय दावा राशि का भुगतान न करने की शिकायत कर उसे न्याय दिलाने का अनुरोध किया था। आयोग के प्रकरण क्र. 1414/खंडवा/2016 दर्ज कर इसे जांच में लिया और मामले की निरंतर सुनवाई की। अंततः जिला शिक्षा अधिकारी, खंडवा ने आयोग को प्रतिवेदन दिया है कि आवेदिका श्रीमती सुल्ताना अहमद को सात अक्टूबर 2021 को उनके दिवंगत पति की देय रकम कुल 7 लाख 78 हजार 383 रूपये का भुगतान कर दिया गया है। आवेदिका की मांग का अंतिम निराकरण हो जाने पर अब यह मामला आयोग में समाप्त कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि आवेदिका श्रीमती सुल्ताना ने विभागीय अधिकारियों एवं अन्य संबंधितों से उनके दिवंगत पति की देय दावा रकम पाने के लिये कई प्रयास किये। पर हर बार उन्हें निराश ही होना पड़ा। हताश होकर उन्होंने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुये मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग में मार्मिक आवेदन लगाया। आवेदन मिलते ही आयोग द्वारा कलेक्टर खंडवा को मामले में कार्यवाही केे लिये लिखा गया। कलेक्टर खंडवा की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी ने जानकारी दी कि आवेदिका के पति स्व. जहूर अहमद अशासकीय उर्दू बालक उ.मा.वि. शिलावड़ी मार्ग, इमलीपुरा खंडवा में पदस्थ थे। उनकी सेवापुस्तिका नहीं मिलने के कारण छटवें वेतनमान के पे-फिक्सेशन में कठिनाई आ रही है। आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी, खंडवा को वैकल्पिक व्यवस्था कर वेतन निर्धारण कर आवेदिका को दावा राशि का भुगतान करने के निर्देश दिये। फरवरी 2016 से अगस्त 2021 तक मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के भरसक प्रयासों और निरंतर कई पत्राचारों के उपरांत आवेदिका को उसे देय रकम 7 लाख 78 हजार 383 रूपये का भुगतान अंततः मिल ही गया है। अपनी प्रतिक्रिया में आवेदिका ने आयोग का हदय से आभार जताया है।

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