शुक्रवार को जिले में तीन घंटे के अंदर 8 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जिससे शहर की अन्य सड़कों सहित रोहतक रोड वाली सड़क भी पानी में डूब गई। जहां पर डीसी, एसपी से लेकर अन्य बड़े अधिकारियों के निवास स्थान हैं। रोहतक रोड पर बने पानी निकासी नाले गंदगी से अटे हुए थे जिस कारण ओवरफ्लो होने से पानी सड़कों पर फैल गया।
मुख्य सड़कों पर भी डेढ़ से दो फुट तक पानी जमा हो गया। ऐसे में बाजार के अंदर काफी ऐसी दुकानें हैं जो सड़कें के लेवल में ही बनी हुई हैं। इन दुकानों में पानी घुस गया है। ऐसे में लोगों ने मजबूरीवश अपनी दुकानों के शटर बंद कर घर लौटना पड़ा।
मैनहोल व पानी निकासी नाले दे गए जवाब
जनस्वास्थ्य विभाग ने मानसून से पहले अपनी किसी भी नाले की साफ सफाई का टेंडर नहीं करवाया। लीपापोती करते हुए खुद के सफाई कर्मचारियों से आम रूटिन में ही थोड़ी बहुत साफ सफाई करवा दी। यहीं कारण रहा है कि थोड़ी बारिश होने पर भी जनस्वास्थ्य विभाग के सभी दावे फैल हो जाते हैं। सभी पानी निकासी नालों व सीवरेज लाइनों में गंदगी जमा है। इस कारण पानी सुचारू रूप से नहीं निकल पा रहा है। थोड़ा थोड़ा पानी ही निकल रहा है।
प्रशासन की लापरवाही से परेशानी
शहर के पार्षद दीपक श्योराण, आनंद महराणा, कुलदीप गांधी व विरेंद्र पप्पू ने कहा कि जिला प्रशासन हो या जनस्वास्थ्य विभाग कोई भी शहर को लेकर गंभीर नहीं है। प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा शहर में रहने वाले भुगत रहे हैं।
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from KAPS Krishna Pandit

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