राज्य में आठ जून से शर्तों के साथ धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक पूजा स्थलों, होटलों, रेस्तरां और शॉपिंग मॉल को फिर से खोला जाएगा। इन सभी के लिए राज्य सरकार ने शर्तों को भी जोड़ा है। मंदिरों में दर्शन लाभ शुरू होने से पहले धर्मगुरुओं ने अपील भी जारी की है कि शुभ कार्य में सावधानी जरूरी है।
बहरहाल, पिछले दस दिनों में फरीदाबाद और गुड़गांव में ज्यादा केस आने की वजह से यहां अभी होटल और रेस्तरां ही खोलने की छूट रहेगी। मॉल और धार्मिक स्थल इन जिलों में बंद रहेंगे। आठ जून से दी जाने वाली छूट को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंथन किया गया। जिसमें कई फैसले लिए गए। उन्होंने केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार गतिविधियों शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जो भी गतिविधियों अब शुरू होंगी, उनमें सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करना होगा।
राज्य के कंटेनमेंट जोन में सभी प्रकार की गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। जो गतिविधियों शुरू होंगी, उनका समय सुबह 9 से रात 8 बजे के बीच रहेगा। रात 9 से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा।नगर निकाय मंत्री अनिल विज ने बताया कि गुड़गांव और फरीदाबाद में अभी केस ज्यादा आ रहें हैं, इसलिए वहां अभी धामिर्क स्थल और मॉल बंद रहेंगे। लोगों को छूट मिली है। लेकिन उन्हें कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
धार्मिक स्थल: सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाने की अनिवार्यता रहेगी। कहीं भी सामूहिक आरती, भजन, सभा और प्रार्थना की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक स्थान के अंदर प्रसाद या जल के वितरण या छिड़काव पर प्रतिबंध रहेगा।
बैंक्वेट हॉल: दो हजार वर्ग फुट के आकार वाले बैंक्वेट हॉल में एक समय में अधिकतम 50 मेहमानों के साथ संचालन की अनुमति रहेगी।
होटल और रेस्तरां: सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क जरूरी है। 50% क्षमता के साथ इनका संचालन होगा। बफे सर्विस पर बैन रहेगा। रेस्तरां में बार की अनुमति नहीं होगी। चिल्ड्रन प्ले एरिया बंद रहेंगे।
शॉपिंग मॉल: गुड़गांव व फरीदाबाद के अलावा सभी जगह मॉल खुल सकेंगे। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क अनिवार्य है। गेमिंग आर्केड, चिल्ड्रन प्ले एरिया व सिनेमा हॉल बंद रहेंगे।
मंदिर की घंटियों को हाथ न लगाएं
देवीकूप श्रीभद्रकाली मंदिर में भी सोशल डिस्टेंस के साथ ही श्रद्धालु दर्शन करें। साथ ही सरकार की गाइडलाइन का ध्यान रखें। मंदिर परिसर में गोले बनाए हैं। प्रसाद सेवा बंद रहेगी। मंदिर के घंटे को हाथ न लगाएं। - सतपाल शर्मा, प्राचीन शक्तिपीठ के पीठाध्यक्ष, कुरुक्षेत्र
दूसरों की जिंदगी की भी करें परवाह
गुरुघर में दर्शन अब जिम्मेदारी के साथ ही करने होंगे। हमें खुद की और दूसरों की जिंदगी की परवाह करनी होगी । कोरोना जैसे अदृश्य दुश्मन को हराने के लिए समझदारी दिखानी होगी। पाबंदी हटने के बाद गुरुद्वारों, मंदिरों में अब धैर्य के साथ आना होगा। - हेडग्रंथी गुरपाल सिंह, गुरुद्वारा छठी पातशाही, कुरुक्षेत्र
इबादत करें,पर कंधा मिलाकर नहीं
मस्जिद, दरगाह व ईदगाह खुलती में साेशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया जाएगा। पहले नमाजी एक दूसरे से कंधे से कंंधा मिलाकर इबादत न करें। सभी मास्क पहनें। नमाजियाें से अाह्वान कि 5 वक्त की नमाज में कम से कम आएं।
-इरफान अली, मुस्लिम समाज के शहरी प्रधान
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3eZ2UQA

Please do not enter any spam link in the comment box.