अध्यापक बोले-रेशनेलाइजेशन के नाम पर पदों को कम करना चाह रही सरकार
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अध्यापक बोले-रेशनेलाइजेशन के नाम पर पदों को कम करना चाह रही सरकार

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने जिला प्रधान राकेश धनखड़ की अध्यक्षता में पहली से पांचवी कक्षा व छह से आठ में शिक्षकों के पदों की अव्यवहारिक रेशनेलाइजेशन के विरोध में बुधवार को डीईईओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से निदेशक शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन भेजा गया।

उन्होंने कहा कि अध्यापक संघ बहुत समय से 1983 पीटीआई अध्यापकों के मामले को लेकर आंदोलनरत है। एक जनवरी 2019 से चयनित 523 पीजीटी संस्कृत उम्मीदवार नियुक्ति पत्र की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार अध्यापकों को बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रही है। गलत रेशनेलाइजेशन के नाम पर पदों को कम करके शिक्षा जैसे जनकल्याण के विभागों को सिकोड़ना चाहती है। एक से पांच तक शिक्षक छात्र अनुपात 1:25 से 1:30 करना बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है।

रेशनेलाइजेशन 1:25 के अनुसार किया जाए, 50 छात्र संख्या तक विद्यालयों में प्राथमिक शिक्षक के दो पद स्वीकृत किए जाएं। सभी प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या 125 या इससे कम संख्या वाले विद्यालयों में मुख्य शिक्षक को कार्यभार में शामिल किया जाए। पहला सेक्शन 34 बच्चों तक रखा जाए। द्वितीय सेक्शन 35 से 64 तीसरा 65 से 94 इसी प्रकार आगे रखा जाए। किन्हीं दो विषयों को संयुक्त न किया जाए।

एक से 30 जून तक भीषण गर्मी के मद्देनजर विद्यार्थी एवं अध्यापकों के लिए विभाग ने ग्रीष्मावकाश किए जाते हैं, लेकिन वर्तमान सत्र में इस बारे कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं। विद्यालयों में 15 जून से 14 जुलाई तक ग्रीष्म अवकाश घोषित किया जाए। इसकी विधिवत अधिसूचना जारी की जाए। मौके पर रोशन कंबोज जशनीश, रमेश, विरेंद्र शर्मा, प्रीतम बालियान, यशपाल, ओम प्रकाश, जोगेंद्र सिंह, गोविंद सिंह भाटिया, संजय कम्बोज व रणधीर सिंह उपस्थित रहे।



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यमुनानगर | डीईईओ कार्यालय पर प्रदर्शन करते अध्यापक ।


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